अडानी ग्रुप की वार्षिक आम बैठक (AGM) के दिन एक रिपोर्ट ने कारोबारी और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका में कथित फ्रॉड से जुड़े आरोपों पर राहत मिलने से पहले उद्योगपति गौतम अडानी की मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप जूनियर से हुई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय हुई जब अडानी समूह से जुड़े मामलों पर अमेरिका में विभिन्न स्तरों पर चर्चा चल रही थी। हालांकि, बैठक और बाद की घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न ही इस संबंध में अडानी समूह या ट्रंप जूनियर की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक टिप्पणी सामने आई है।
इधर, AGM के दिन अडानी समूह के कई शेयरों में तेजी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को समूह के कारोबारी प्रदर्शन, विस्तार योजनाओं और भविष्य की रणनीति से सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद है, जिसका असर शेयरों पर दिखाई दिया।
अडानी समूह की AGM पर निवेशकों की नजर इसलिए भी टिकी हुई है क्योंकि समूह पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में प्रबंधन की ओर से भविष्य की योजनाओं और निवेश रोडमैप को लेकर किए गए संकेत बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
रिपोर्ट में किए गए दावों को लेकर फिलहाल राजनीतिक और कारोबारी हलकों में चर्चा जारी है, जबकि निवेशक AGM से निकलने वाले प्रमुख संदेशों और घोषणाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

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