नई दिल्ली। और की अहम बैठक के बाद संगठन और ट्रस्ट में बड़े फैसलों की अटकलें तेज हो गई हैं। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद और उसकी जांच के लिए गठित एसआईटी की कार्रवाई के बीच हुई इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, विवाद के लंबा खिंचने से मंदिर आंदोलन की छवि और विहिप की साख पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। इसी वजह से संगठन के भीतर जवाबदेही तय करने और भविष्य की रणनीति पर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जनविश्वास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
इस बीच ट्रस्ट के महासचिव पर उठ रहे सवालों को लेकर भी चर्चा होने की खबर है। सूत्रों का दावा है कि कुछ पदाधिकारियों ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए हैं और संगठन की छवि को देखते हुए बदलाव की मांग भी सामने आई है। हालांकि, ट्रस्ट या विहिप की ओर से चंपत राय के इस्तीफे अथवा किसी बड़े सांगठनिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल सभी की नजर जांच की प्रगति और ट्रस्ट की आगामी आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और संगठन के सामूहिक निर्णय के आधार पर तय होगी।

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