Top News

शैडो बैंकिंग पर RBI का सख्त पहरा, 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति वाली NBFC के लिए नए नियमRBI tightens vigil on shadow banking, new rules for NBFCs with assets over Rs 1 lakh crore

 


नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्तीय प्रणाली को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए नए नियामकीय प्रावधान लागू किए हैं। नए नियमों के तहत 1 लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक परिसंपत्तियों (Assets) वाली एनबीएफसी को ‘अपर लेयर’ श्रेणी में रखा जाएगा, जिन पर अतिरिक्त निगरानी और कड़े अनुपालन मानदंड लागू होंगे


RBI के चार-स्तरीय नियामकीय ढांचे—बेस, मिडिल, अपर और टॉप लेयर—के अंतर्गत यह व्यवस्था लागू की गई है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि बड़ी NBFCs का आकार और वित्तीय प्रणाली में उनकी भूमिका इतनी महत्वपूर्ण हो चुकी है कि उन पर विशेष निगरानी आवश्यक है।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अपर लेयर में शामिल संस्थाओं की पहचान नियमित रूप से की जाएगी और हर तीन वर्ष में उनकी समीक्षा होगी। इस प्रक्रिया के जरिए RBI यह सुनिश्चित करेगा कि वित्तीय क्षेत्र में संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर उन्हें नियंत्रित किया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन नियमों से बड़े शैडो बैंकिंग संस्थानों की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही, किसी बड़ी NBFC में वित्तीय संकट की स्थिति उत्पन्न होने पर उसका असर पूरे वित्तीय तंत्र पर पड़ने की आशंका कम होगी।

RBI का यह कदम वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और निवेशकों तथा जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Post a Comment

Previous Post Next Post