नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के बीच मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में MTF बुक बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह संकेत देता है कि बड़ी संख्या में निवेशक उधार लेकर शेयरों में निवेश कर रहे हैं।
मार्जिन ट्रेडिंग के तहत निवेशकों को अपनी पूंजी से अधिक राशि के शेयर खरीदने की सुविधा मिलती है। इससे बाजार में तेजी के दौरान अधिक मुनाफे की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन गिरावट की स्थिति में नुकसान भी कई गुना बढ़ सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता हुआ लीवरेज निवेशकों के लिए जोखिम का कारण बन सकता है। यदि बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो मार्जिन कॉल बढ़ सकते हैं और निवेशकों को अपने शेयर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इससे बिकवाली का दबाव और अधिक बढ़ने की आशंका रहती है।
विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान में बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखाई दे रहा है, लेकिन अत्यधिक उधार आधारित निवेश लंबी अवधि में अस्थिरता बढ़ा सकता है। ऐसे में निवेशकों को जोखिम क्षमता का आकलन कर ही मार्जिन ट्रेडिंग का उपयोग करना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल संभावित मुनाफे को देखकर अधिक लीवरेज लेने के बजाय संतुलित निवेश रणनीति अपनाना बेहतर होता है, ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान वित्तीय जोखिम सीमित रखा जा सके।

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