इंदौर। चर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले में जांच के बीच नया मोड़ सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे चेतन चौधरी के वकील ने दावा किया है कि पुलिस के पास हत्या साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि मामले को हत्या का रूप दिया जा रहा है, जबकि उपलब्ध तथ्यों से ऐसा स्पष्ट नहीं होता।
वकील ने यह भी कहा कि सिया गोयल के खिलाफ भी अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे उनकी आपराधिक भूमिका सिद्ध हो सके। उन्होंने जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल आशंकाओं के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि केतन अग्रवाल की मौत कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। जांच अधिकारी विभिन्न डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, घटनास्थल से मिले सबूतों और आरोपियों के बयानों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इस दौरान पुलिस दोनों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।
फिलहाल मामले में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं। एक ओर पुलिस हत्या की साजिश का दावा कर रही है, वहीं बचाव पक्ष सबूतों के अभाव की बात कह रहा है। ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर टिकी हुई है।

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