तेहरान। ईरान ने अपने मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों को स्पष्ट संदेश दिया है। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा है कि देश का मिसाइल कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम आधार है और इसे किसी भी संभावित अमेरिका-ईरान समझौते का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि यदि ईरान के पास मजबूत मिसाइल क्षमता नहीं होती, तो उसका हाल भी गाज़ा जैसा हो सकता था। उनके इस बयान को ईरान की रक्षा नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति पर स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि मिसाइल कार्यक्रम देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा विषय है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ईरान लंबे समय से कहता रहा है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह रक्षात्मक उद्देश्य के लिए है। वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी देश इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बताते रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच समय-समय पर बातचीत और तनाव का दौर चलता रहा है, लेकिन मिसाइल कार्यक्रम हमेशा सबसे विवादित मुद्दों में रहा है।
पेजेशकियान के इस बयान से साफ हो गया है कि यदि भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच किसी तरह की शांति या परमाणु समझौते की बातचीत आगे बढ़ती भी है, तो तेहरान अपने मिसाइल कार्यक्रम को उसमें शामिल करने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में पश्चिम एशिया की कूटनीति और सुरक्षा समीकरणों पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।

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