रायपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के भरंडा गांव में मतांतरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर सामाजिक तनाव का रूप ले चुका है। कथित तौर पर देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी और धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोपों के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है और पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।
जानकारी के अनुसार, आदिवासी समाज के कुछ संगठनों ने मतांतरण का आरोप लगाते हुए 26 परिवारों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है। इसके बाद गांव में विवाद और गहरा गया। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मामले के समाधान के लिए बुधवार को विशेष ग्रामसभा आयोजित की जा रही है, जिस पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि ग्रामसभा के माध्यम से संवाद स्थापित कर विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर धर्म परिवर्तन, आदिवासी परंपराओं और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल सभी की नजर ग्रामसभा के फैसले और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।

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