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लंबे नाम ने रोका टैक्स रिफंड! करोड़ों रुपये अटकेLong name blocks tax refund, crores of rupees stuck

 

टैक्स रिफंड से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बैंक खातों में दर्ज लंबे नामों के कारण करोड़ों रुपये का रिफंड अटक गया है। समस्या का कारण का नया वेरिफिकेशन सिस्टम बताया जा रहा है।


जानकारी के अनुसार NPCI का नया नाम सत्यापन सिस्टम केवल 50 अक्षरों तक के नाम स्वीकार कर रहा है, जबकि कई बैंकों में खाताधारकों के नाम 100 अक्षरों तक दर्ज किए जा सकते हैं। ऐसे में जब टैक्स रिफंड जारी करने के दौरान नामों का मिलान किया जाता है, तो लंबे नामों वाले खातों का सत्यापन असफल हो जाता है और भुगतान अटक जाता है।

इस तकनीकी समस्या का सबसे अधिक असर बड़े विदेशी निवेशकों, अंतरराष्ट्रीय पेंशन फंड्स और संस्थागत निवेशकों पर पड़ा है, जिनके नाम अक्सर लंबे और विस्तृत होते हैं। नामों में मामूली अंतर या निर्धारित सीमा से अधिक अक्षर होने के कारण रिफंड प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह तकनीकी असंगति का मामला है, जिसमें बैंकिंग सिस्टम और भुगतान सत्यापन प्रक्रिया के बीच समन्वय की आवश्यकता है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो बड़ी रकम लंबे समय तक फंसी रह सकती है।

वित्तीय क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि डिजिटल भुगतान और सत्यापन प्रणालियों को अधिक लचीला बनाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी तकनीकी बाधाओं के कारण करदाताओं और निवेशकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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