रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ भ्रामक पोस्ट और दावों का आधिकारिक तौर पर खंडन किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कई पोस्टों में साझा की जा रही जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है और उनका सरकारी रिकॉर्ड या सैन्य कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है।
मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन किसी भी सैन्य अभियान, सेना की गतिविधियों या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को साझा न करें। ऐसी अफवाहें न केवल भ्रम फैलाती हैं बल्कि सुरक्षा हितों को भी प्रभावित कर सकती हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि रक्षा मामलों से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों और सरकारी बयानों पर ही भरोसा किया जाए। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों, संपादित तस्वीरों और पुराने वीडियो को नए घटनाक्रम से जोड़कर फैलाने से बचना चाहिए।
संदेश साफ है—युद्ध या सैन्य अभियान के समय सबसे बड़ा हथियार केवल सेना नहीं, बल्कि सही सूचना भी होती है। फेक न्यूज दुश्मन के प्रचार तंत्र को ताकत दे सकती है, इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पहले सत्यापन करे, फिर साझा करे।

Post a Comment