नई दिल्ली। आजकल कम उम्र में बालों का सफेद होना एक आम समस्या बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे आनुवंशिक कारण, पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव और जीवनशैली के साथ-साथ तनाव भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हाल की कुछ वैज्ञानिक स्टडी में लंबे समय तक रहने वाले तनाव और समय से पहले बाल सफेद होने के बीच संबंध देखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार मानसिक तनाव शरीर में तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ा सकता है, जिससे बालों को रंग देने वाली मेलानोसाइट स्टेम कोशिकाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। इन कोशिकाओं के प्रभावित होने पर बालों में मेलेनिन का निर्माण कम हो जाता है, जिससे बाल समय से पहले सफेद दिखाई देने लगते हैं। हालांकि, केवल तनाव ही इसका एकमात्र कारण नहीं है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि कम उम्र में तेजी से बाल सफेद हो रहे हैं, तो विटामिन B12, आयरन, कॉपर और फोलिक एसिड की कमी, थायरॉयड संबंधी समस्याएं या अन्य चिकित्सीय कारणों की भी जांच करानी चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तनाव कम करने के लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें। यदि बाल तेजी से सफेद होने के साथ अत्यधिक झड़ने की समस्या भी हो रही हो, तो त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा।

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