AI सेक्टर में बड़ी कंपनियों की कमी से एशियाई बाजारों पर असर, ताइवान और दक्षिण कोरिया ने बनाई बढ़त
वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में भारत, चीन और हांगकांग के शेयर बाजार अपेक्षाकृत पीछे नजर आ रहे हैं। AI क्षेत्र में अग्रणी बड़ी टेक कंपनियों की सीमित मौजूदगी के कारण इन बाजारों की शीर्ष सूचीबद्ध कंपनियों का वैश्विक मार्केट कैप में हिस्सा घटा है। इसके विपरीत अमेरिका ने AI आधारित दिग्गज कंपनियों के दम पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ताइवान और दक्षिण कोरिया की उन कंपनियों को सबसे अधिक फायदा मिला है, जो सेमीकंडक्टर, AI चिप्स और उन्नत तकनीक से जुड़ी हैं। इन कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से वहां के प्रमुख शेयर सूचकांकों को भी मजबूती मिली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और चीन के बाजार अपेक्षाकृत विविध (डाइवर्सिफाइड) हैं, जिससे स्थिरता तो मिलती है, लेकिन AI क्षेत्र की वैश्विक दिग्गज कंपनियों की कमी निवेशकों के लिए चुनौती बन रही है। यही कारण है कि निवेशक फिलहाल ऐसे बाजारों और कंपनियों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, जहां AI से जुड़ी स्पष्ट विकास संभावनाएं दिखाई देती हैं।
हालांकि, जानकारों का मानना है कि भारत में डिजिटल इकोसिस्टम, स्टार्टअप्स और AI निवेश तेजी से बढ़ रहे हैं। यदि इन क्षेत्रों में बड़े वैश्विक खिलाड़ी उभरते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत भी AI आधारित बाजार पूंजीकरण की दौड़ में मजबूत दावेदार बन सकता है।

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