पुरी। ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में आज देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का भव्य महास्नान होगा। इस विशेष अनुष्ठान के दौरान तीनों विग्रहों का 108 पवित्र कलशों के जल से अभिषेक किया जाएगा। लाखों श्रद्धालु इस दिव्य स्नान उत्सव के साक्षी बनने के लिए पुरी पहुंचे हैं।
मान्यता है कि महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं। इसी परंपरा के तहत उन्हें 'अनसर गृह' में विश्राम के लिए ले जाया जाता है, जहां अगले 15 दिनों तक आम श्रद्धालुओं को उनके दर्शन नहीं होंगे। इस अवधि को 'अनसर काल' कहा जाता है।
अनसर काल के दौरान भगवान का विशेष आयुर्वेदिक उपचार और सेवा-पूजा की जाती है। इसके बाद 'नवयौवन दर्शन' के अवसर पर भगवान पहली बार भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके अगले दिन विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का शुभारंभ होता है, जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं।
महास्नान पर्व को लेकर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के व्यापक इंतजाम किए हैं। देश-विदेश से आए लाखों भक्त इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शन और महास्नान के साक्षी बनने के लिए पुरी में जुटे हैं।

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