फ्लाईओवर अधूरे, सर्विस रोड छलनी, हर बारिश में जनता की परीक्षा… करोड़ों खर्च के बावजूद एजेंसियों की सुस्ती पर उठे सवाल
देश के सबसे स्वच्छ और व्यवस्थित शहरों में गिने जाने वाले इंदौर की सड़कों की हकीकत बरसात में फिर सामने आ गई है। शहरभर में अधूरे फ्लाईओवर, टूटी-फूटी सर्विस रोड, जगह-जगह गड्ढे और बदहाल यातायात ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पिछले तीन वर्षों से कई बड़े फ्लाईओवर और सड़क परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, लेकिन काम की धीमी रफ्तार का खामियाजा रोज लाखों नागरिक भुगत रहे हैं। बारिश शुरू होते ही सर्विस रोड की हालत और खराब हो जाती है। कई जगह जलभराव और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब इंदौर को विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे का मॉडल बताया जाता है, तो आखिर हर मानसून में शहर की सड़कें बदहाल क्यों नजर आती हैं?
जनता का सवाल:
"अगर इंदौर 'नंबर-1' है, तो हर बारिश में सड़कें 'नंबर-लास्ट' जैसी क्यों दिखती हैं?"यह रिपोर्ट सार्वजनिक मुद्दों और नागरिकों की समस्याओं पर आधारित है।

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