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मध्य पूर्व में फिर जंग की आगWar erupts again in the Middle East

 

24 घंटे में अमेरिका का दूसरा बड़ा हमला, जवाब में IRGC ने खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका की ओर से 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी हमला करते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और हालात पर दुनिया की नजर टिकी हुई है।


अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए जवाब देने की चेतावनी दी थी। इसके कुछ ही समय बाद आईआरजीसी ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि, हमलों से हुए नुकसान और हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं और स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।

इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जबकि वैश्विक बाजारों में भी तनाव का असर दिखाई देने लगा है। तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार मार्गों पर भी इस संघर्ष का प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला नहीं रुका, तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है। ऐसे हालात में अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीतिक समाधान और संयम की अपील कर रहा है।

दुनिया की सबसे बड़ी चिंता अब यही है—क्या यह हमला केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित रहेगा, या मध्य पूर्व एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

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