कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु और आरोप इस प्रकार हैं:
जमीन और प्रॉपर्टी पर सवाल:कांग्रेस का आरोप है कि उज्जैन और उसके आसपास के क्षेत्रों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर जमीनें और संपत्तियां खरीदी गई हैं।
मास्टर प्लान में बदलाव के आरोप: विपक्ष ने आरोप लगाया है कि उज्जैन के मास्टर प्लान में कथित तौर पर सिंहस्थ (कुंभ मेला) क्षेत्र की जमीनों के उपयोग (लैंड यूज) में बदलाव कर मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी संपत्तियों को फायदा पहुंचाया गया।
इस्तीफे की मांग:इन आरोपों को लेकर कांग्रेस ने इसे "महाघोटाला" करार देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
भजपा और सरकार का रुख:
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सरकार के प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे हताशा में मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने के लिए इस तरह के राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
यह मुद्दा आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की विधानसभा और सड़कों पर राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ा सकता है।

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