150 पेज की प्रारंभिक रिपोर्ट में 150 से अधिक लोगों के बयान, कई बड़े खुलासों की संभावना
अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार यह रिपोर्ट लगभग 150 पेज की है और इसमें करीब 150 लोगों से की गई पूछताछ का विस्तृत विवरण शामिल है।
जानकारी के मुताबिक जांच टीम ने मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों, दान संग्रह प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की है। रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों और घटनाक्रमों का उल्लेख होने की बात कही जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। हालांकि अभी तक किसी भी व्यक्ति का नाम आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है। शासन स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बताया जा रहा है कि SIT ने दान पेटियों से प्राप्त राशि, चढ़ावे के रखरखाव, रिकॉर्ड संधारण और निगरानी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जांच की है। रिपोर्ट में प्रक्रियागत खामियों और जवाबदेही तय करने संबंधी सुझाव भी शामिल हो सकते हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार रिपोर्ट के प्रत्येक बिंदु का गहन अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और पूछताछ, विभागीय कार्रवाई अथवा कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है, ऐसे में दान और चढ़ावे से जुड़ी किसी भी अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम और रिपोर्ट में शामिल संभावित खुलासों पर टिकी हैं।

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