प्रदेश के प्रभारी मंत्री डॉ. Mohan Yadav के गृह क्षेत्र में नगर प्रशासन की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर अवैध बेसमेंट निर्माण, बिना अनुमति बने भवनों और अनधिकृत टेलीकॉम टावरों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप सामने आ रहे हैं।
सूत्रों और स्थानीय शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे शहर में अवैध निर्माण गतिविधियों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इसी बीच नायाब अंसारी द्वारा लगाए गए आरोपों ने मामला और तूल पकड़ लिया है। उनका दावा है कि “सबको पैसा दिया है, नगर निगम कुछ नहीं बिगाड़ सकती।” हालांकि, यह बयान आरोप के रूप में सामने आया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी की समस्या और गंभीर हो सकती है। वहीं प्रशासन की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या वास्तविक कार्रवाई होती है या नहीं।

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