भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव और विवाद की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। लगभग 4,096 किलोमीटर लंबी यह अंतरराष्ट्रीय सीमा दुनिया की सबसे जटिल और संवेदनशील सीमाओं में गिनी जाती है, जो पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम जैसे राज्यों से होकर गुजरती है।
इस बीच Salman F Rahman (बांग्लादेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में संदर्भित) ने संसद में बयान देते हुए भारतीय सीमा सुरक्षा बल की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सीमावर्ती घटनाओं में मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक असहजता बढ़ी है।
वहीं Border Security Force ने अपने रुख में कहा है कि सीमा पर कार्रवाई पूरी तरह अवैध घुसपैठ, तस्करी और सुरक्षा खतरों को रोकने के लिए की जाती है। BSF का दावा है कि जवान केवल नियमों और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ही कार्रवाई करते हैं।
दोनों देशों के बीच यह मुद्दा पहले भी कई बार उठ चुका है, लेकिन हाल के बयानों के बाद एक बार फिर राजनीतिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा प्रबंधन, संवाद और संयुक्त समन्वय के जरिए ही इस तरह के विवादों को कम किया जा सकता है।
फिलहाल स्थिति पर दोनों देशों की नजर बनी हुई है और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है।

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