नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के वरिष्ठ विधि अधिकारी पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें लगातार तीसरी बार भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार उनका नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा और अगले तीन वर्षों तक, यानी वर्ष 2029 तक जारी रहेगा।
तुषार मेहता की पुनर्नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण संवैधानिक, नीतिगत और राष्ट्रीय महत्व के मामलों में न्यायालयों में अपनी कानूनी रणनीति को मजबूत बनाए रखना चाहती है। पिछले वर्षों में उन्होंने उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों में केंद्र सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा है और कई चर्चित मामलों में सरकार की ओर से प्रमुख भूमिका निभाई है।
सॉलिसिटर जनरल देश के दूसरे सबसे वरिष्ठ विधि अधिकारी होते हैं और वे भारत सरकार को कानूनी सलाह देने के साथ-साथ अदालतों में उसका प्रतिनिधित्व भी करते हैं। कानूनी क्षेत्र में उनके अनुभव और सरकार के साथ लंबे समय से काम करने के कारण यह पुनर्नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कानूनी और राजनीतिक हलकों में इस फैसले को सरकार की निरंतरता और भरोसे का संकेत माना जा रहा है। लगातार तीसरी बार इस पद पर नियुक्त होकर तुषार मेहता ने उन चुनिंदा विधि अधिकारियों की सूची में स्थान बना लिया है, जिन्हें केंद्र सरकार ने लंबे समय तक अपनी कानूनी टीम का प्रमुख हिस्सा बनाए रखा है।

Post a Comment