मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के भीतर जारी सियासी उठापटक के बीच उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगने जा रहा है। ठाकरे गुट के छह सांसद सोमवार को मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने वाले हैं। इस घटनाक्रम को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और राज्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बागी सांसदों में शामिल हिंगोली से सांसद ने कहा कि 18 जून के बाद उनके और अन्य सांसदों के खिलाफ जिस तरह की टिप्पणियां की गईं, उससे पार्टी में बने रहने का उनका इरादा बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने वाले नेताओं को सम्मान देने के बजाय उन्हें निशाना बनाया गया, जिससे असंतोष और बढ़ा।
सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय ताकत पर असर पड़ सकता है। हालांकि ठाकरे गुट इस घटनाक्रम को लेकर सार्वजनिक रूप से ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बच रहा है, लेकिन अंदरखाने इसे बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में शिवसेना की मूल विरासत को लेकर चल रही लड़ाई को और तेज करेगा। एक ओर उद्धव ठाकरे संगठन को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिंदे गुट लगातार अपने प्रभाव और जनाधार का विस्तार करने में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में यह सियासी संघर्ष और रोचक होने की संभावना है।

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