कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार सोमवार को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। राज्य की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे इस बजट पर उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों, युवाओं और निवेशकों की खास नजर बनी हुई है। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ के बीच विकास की रफ्तार को बनाए रखना है
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सूत्रों के मुताबिक बजट में रोजगार सृजन, नए उद्योगों को बढ़ावा देने, निजी निवेश आकर्षित करने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही स्टार्टअप सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए नई योजनाओं और वित्तीय सहायता पैकेज की भी घोषणा की जा सकती है।
सरकार नई औद्योगिक नीति का खाका भी पेश कर सकती है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश का माहौल बेहतर बनाना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। कृषि, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, डिजिटल सेवाएं और शहरी विकास भी बजट की प्राथमिकताओं में शामिल रह सकते हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट नई सरकार की कार्यशैली और आर्थिक दृष्टिकोण का पहला बड़ा संकेत होगा। अब देखना यह है कि सरकार कर्ज के दबाव और विकास की जरूरतों के बीच संतुलन कैसे स्थापित करती है।

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