अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में आई गिरावट के बीच आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।
जानकारी के अनुसार जून महीने में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 15 प्रतिशत से अधिक नीचे आ चुकी हैं, जबकि पिछले एक सप्ताह में ही करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। तेल की कीमतों में यह नरमी अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होने और आपूर्ति को लेकर बेहतर संकेत मिलने के बाद देखने को मिली है।
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि भारत की तेल विपणन कंपनियां बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का रुख बना रहता है तो इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय तेल कंपनियों की लागत, आयात मूल्य और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में कच्चे तेल की मौजूदा गिरावट से पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की उम्मीद बढ़ गई है। यदि ऐसा होता है तो आम लोगों को राहत मिलने के साथ-साथ परिवहन लागत और महंगाई पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

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