आध्यात्मिक गुरु को उनके चार दशक से अधिक लंबे शांति और मानव कल्याण के कार्यों के लिए प्रतिष्ठित ‘लक्जमबर्ग पीस प्राइज’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
वर्ल्ड पीस फोरम की ओर से दिए गए इस सम्मान के पीछे श्री श्री रविशंकर के 45 वर्षों के उस प्रयास को मान्यता दी गई है, जिसके माध्यम से उन्होंने दुनिया के विभिन्न देशों में शांति, संवाद और तनावमुक्त जीवन का संदेश पहुंचाया। बताया गया कि उन्होंने संघर्ष और हिंसा से प्रभावित कई क्षेत्रों में मध्यस्थता तथा संवाद की पहल कर शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्री श्री रविशंकर द्वारा स्थापित आज दुनिया के 182 देशों में सक्रिय है और योग, ध्यान, शिक्षा तथा सामाजिक सेवा के माध्यम से करोड़ों लोगों तक पहुंच बना चुकी है। संस्था के कार्यक्रमों का उद्देश्य मानसिक तनाव कम करना, मानव मूल्यों को मजबूत करना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद श्री श्री रविशंकर ने कहा कि शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर संतुलन, करुणा और जागरूकता का विकास है। उन्होंने इस सम्मान को दुनिया भर में शांति और मानवीय मूल्यों के लिए कार्य करने वाले लाखों स्वयंसेवकों को समर्पित किया। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और मानवीय मूल्यों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी प्रतीक माना जा रहा है।

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