नई दिल्ली/ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) द्वारा कथित घुसपैठ और सड़क तथा अस्थायी कैंप बनाए जाने के दावों ने सुरक्षा और सीमाई क्षेत्रों को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय नाह (Na) आदिवासी समुदाय ने आरोप लगाया है कि उनकी पारंपरिक चरागाह और उपयोग वाली भूमि पर चीनी सैनिकों ने निर्माण गतिविधियां की हैं।
समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि जिस क्षेत्र में यह गतिविधियां हुई हैं, वहां वर्षों से स्थानीय लोग आते-जाते रहे हैं। उनका आरोप है कि चीनी सैनिकों ने सड़क निर्माण, अस्थायी ढांचे और कैंप स्थापित कर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। इसके चलते स्थानीय लोगों की आवाजाही और पारंपरिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
हालांकि, इस मामले पर भारत सरकार या सेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सीमाई क्षेत्रों में चीन की गतिविधियों पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं और स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कई स्थानों पर सीमा विवाद बना हुआ है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश से जुड़े इस तरह के दावे एक बार फिर सीमाई सुरक्षा और रणनीतिक तैयारियों को लेकर चर्चा का विषय बन गए हैं।
नोट: फिलहाल चीन द्वारा कब्जे या निर्माण संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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