ग्रामीण विकास मंत्री बोले- आत्मनिर्भर गांव, मजबूत पंचायतें और आधुनिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही विकसित भारत का आधार; रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में गांवों की निर्णायक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि देश का भविष्य तभी मजबूत होगा, जब गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध और आधुनिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सड़क, आवास और पेयजल तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल कनेक्टिविटी और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा में लाना है। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, दीनदयाल अंत्योदय योजना, स्वयं सहायता समूहों और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांवों में आधुनिक बुनियादी ढांचा, कृषि आधारित उद्योग, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार इस दिशा में पंचायतों को सशक्त बनाने और तकनीक आधारित ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से भी नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से गांवों के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में ग्रामीण भारत सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेगा।

Post a Comment