कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क का खौफ प्रदेश के इंदौर, अशोकनगर, खरगोन और राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है. उसके गुर्गों की सक्रियता को देखते हुए अब पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई है. मध्य प्रदेश पुलिस के DGP कैलाश मकवाना ने अब लॉरेंस गैंग के हैरी बॉक्सर की धमकियों के मामले को गंभीरता से लेते हुए STF को इसकी जांच सौंप दी है. ADG (STF) श्रीनिवास वर्मा को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है.
लॉरेंस गैंग को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस सतर्क
मध्य प्रदेश के कई जिलों में हैरी बॉक्सर और उसके लिए काम करने वाले अपराधियों से मिले धमकी भरी कॉल्स के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने अब जांच को तेज और प्रभावी बनाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.
DGP कैलाश मकवाना ने इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग का जिम्मा एसटीएफ के एडीजी श्रीनिवास वर्मा को सौपा है. डीजीपी ने इस मामले में एसआईटी को इसलिए जांच सौंपी है क्योंकि मध्य प्रदेश के कई शहरों में बड़े-बड़े व्यापारियों को उनकी जान बख्शने के नाम पर धमकी देकर करोड़ो रु की मांग की जा रही है. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ये धमकियां लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करने वाले हैरी बॉक्सर और उसके द्वारा मध्य प्रदेश में सक्रिय किए गए अपराधियों से आ रही हैं.
पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साइबर और तकनीकी टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है जिससे कॉल्स के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
एसआईटी में ये अधिकारी शामिल
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक डीजीपी द्वारा गठित एसआईटी में एसआईटी प्रभारी डीआईजी राहुल कुमार लोढ़ा, एसटीएफ भोपाल एसपी राजेश भदौरिया, एसटीएफ इंदौर एसपी नवीन कुमार चौधरी, एटीएस एसपी मुख्यालय वैभव श्रीवास्तव, एआईजी सुधीर कनौजिया के साथ-साथ 4 डीएसपी शामिल किए गए हैं.

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