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तेल पर छूट खत्‍म की, अब खाद का निर्यात बंद किया, दोस्‍त रूस भारत को दे रहा झटके पर झटकाDiscount on oil withdrawn, fertilizer exports now halted—friend Russia deals blow after blow to India.

 

ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही बंद है। इससे भारत में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। जो इक्का-दुक्का जहाज इस जलडमरूमध्य को पार कर रहे हैं, वो ऊर्जा की भारी डिमांड को पूरा करने में असमर्थ हैं। इस बीच रूस ने भी भारत को बड़ा झटका दिया है। रूस ने घरेलू मांग को प्राथमिकता देते हुए एक महीने के लिए खाद का निर्यात रोक दिया है। रूस भारत का सबसे बड़ा खाद आपूर्तिकर्ता है। जनवरी से जून 2025 तक रूस ने भारत को 25 लाख टन खाद की आपूर्ति की थी।


भारत को कितना खाद निर्यात करता है रूस?

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में रूस से भारत को खाद की आपूर्ति में पिछले साल के मुकाबले 20% की बढ़ोतरी हुई। इससे भारत के कुल खाद आयात में रूस की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 33% तक पहुंच गई है। रूस के कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि वह वसंत ऋतु में बुवाई के मौसम से पहले, एक महीने के लिए अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर रोक लगा रहा है। उन्होंने बताया कि यह कदम रूस में घरेलू खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है

रूसी कृषि मंत्रालय ने क्या कहा

रूसी कृषि मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "बढ़ती निर्यात मांग के बीच विदेशों में नाइट्रोजन खाद की खेप भेजना रोकने से हमें वसंत ऋतु में खेतों में होने वाले काम के दौरान घरेलू बाजार को प्राथमिकता देने और काम में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।" रूस से आने वाले अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल खेती में बड़े पैमाने पर होता है। इसका उपयोग विस्फोटक बनाने में भी एक कंपोनेंट के तौर पर किया जाता है।

रूस कितना अमोनियन नाइट्रेट उत्पादित करता है?

दुनिया में कुल अमोनियम नाइट्रेट के उत्पादन में रूस की हिस्सेदारी एक-चौथाई है। अमोनियम नाइट्रेट बनाने में इस्तेमाल होने वाला मुख्य तत्व अमोनिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से 24 प्रतिशत अमोनिया की आवाजाही होती है, लेकिन इसके बंद होने से उत्पादन पर प्रभाव पड़ रहा है। रूसी कृषि मंत्रालय ने बताया कि उसने नए निर्यात लाइसेंस जारी करना बंद कर दिया है। सिर्फ सरकारी अनुबंधों के तहत होने वाली आपूर्ति को ही इस नियम से छूट दी गई है।

रूस ने भारत को तेल पर छूट खत्म की

रूस ने भारत को मिलने वाली रियायती दरें खत्म कर दी हैं और अब भारतीय रिफाइनरी को ब्रेंट क्रूड के मुकाबले $4-5 प्रति बैरल अधिक प्रीमियम पर तेल मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव (ईरान संकट) के बीच, अमेरिका ने भारत को 30 दिनों की अस्थायी छूट दी थी, जिसके तहत भारत ने अप्रैल के लिए 60 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदा है, लेकिन यह सस्ता नहीं है।

पाकिस्तान को तेल का ऑफर दे रहा रूस

चंद दिनों पहले इस्लामाबाद में रूस के राजदूत राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने कहा था कि अगर पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर गुहार लगाता है, तो मॉस्को उसकी खाली होती तेल की टंकियों को भरने के लिए तैयार है और वो भी डिस्काउंट वाले दामों पर। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक पाकिस्तान की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक संपर्क नहीं किया गया है। खोरेव ने दावा किया कि अगर पाकिस्तान सरकार हाथ आगे बढ़ाती है, तो रूस पीछे नहीं हटेगा।

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