महू। महू शहर में हनी ट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह में शामिल एक युवती अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया व मोबाइल नंबर से लोगों से संपर्क करती, दोस्ती बढ़ाती और फिर सुनसान स्थानों पर बुलाकर उन्हें जाल में फंसा देती थी।महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र में सेना के पूर्व सैनिक के साथ इस तरह का मामला सामने आया है। जिसके बाद बड़गोंदा पुलिस ने मुख्य आरोपित महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गलत काम करने का आरोप लगाते हुए की दो लाख रुपये की मांग
जानकारी के अनुसार सेना की शाखा डिफेंस सिक्योरिटी कार्प्स (डीएससी) में पूर्व सैन्यकर्मी व अधिकारियों को रखा जाता है। इसमें पठानकोट में पदस्थ सैनिक दीपक कुछ दिन पहले महू आया था। इस दौरान उसे आरोपी भावना पुत्री सुदामा भार्गव (25) वर्तमान निवासी स्कीम नंबर 78 मूल निवासी बैरसिया भोपाल का फोन आया।भावना ने बताया कि वह दीपक को पहले से जानती है और बातचीत शुरू की। तीन-चार दिनों में उसने बात करते हुए पूर्व सैनिक को बहकाकर मिलने के लिए बुलाया। फरियादी ने मिलने के लिए महू केलोद गांव में स्थित रेनबो फार्म हाउस में कमरा बुक किया और करीब 7 बजे भावना वहां पहुंची।
कुछ ही मिनट में आरोपित मुख्य आरोपित साधना पत्नी लकी गुप्ता (37) निवासी भमोरी विजय नगर और बिजय पुत्र रामभरोसे तिलवारे (29) निवासी कनाड़िया इंदौर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां पहुंचते ही कहा कि हम भावना के भाई -बहन हैं और तुमने हमारी बहन के साथ गलत काम किया है।
तीनों ने फरियादी को पुलिस में शिकायत करने के नाम पर धमकाते हुए दो लाख रुपये की मांग की। इसी बीच मामले की सूचना पुलिस को मिली जिसके बाद थाना प्रभारी ने मामले की विवेचना की और आरेापितों के फोन खंगाले। जिसे देखते हुए पूर्व सैनिक की शिकायत पर तीनों आरोपित सहित अन्य पर प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म व डेटिंग एप से ढूंढते थे शिकार
बड़गोंदा पुलिस के अनुसार आरोपी गिरोह के रूप में काम करते थे। यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म, डेटिंग एप या किसी परिचित के माध्यम से नंबर मिलने पर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करते थे। इनके गिरोह में एक वकील भी शामिल है। यदि मामला थाने तक पहुंचता था तो वह थाने पर जाकर पीड़ित को धमकाते थे और एफआइआर दर्ज करने के पहले ही मामला रफा-दफा करवाने के लिए रुपये लेते थे। आरोपित पूर्व में कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
इंदौर में एक व्यापारी को ब्लैकमेल कर ऐंठे थे 28 हजार
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रकरण दर्ज करने के तीन घंटे पूर्व तीनों ने इंदौर के एक व्यापारी को इसी तरह फंसाया था। भावना ने व्यापारी से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर संपर्क करने के बाद उसे मिलने के लिए स्कीम नंबर 78 स्थित अपने कमरे पर बुलाया। इसके बाद साधना और बिजय वहां पर मकान मालिक बन कर पहुंच गए और व्यापारी से 28 हजार रुपये ऐंठे थे।
हरिफाटक से लाकर फंसाया, पहले भी कर चुके वारदात
आरोपितों ने फरियादी दीपक को हरिफाटक क्षेत्र से अपने साथ लाकर फार्म हाउस में फंसाया था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इससे पहले विजय नगर क्षेत्र में एक 40 वर्षीय व्यापारी को देवास नाका स्थित कमरे पर बुलाकर 28 हजार रुपये ऐंठे गए थे।
उस समय गिरोह के सदस्य साधना और बिजय खुद को मकान मालिक बताकर पहुंचे और व्यापारी को धमकाया था। इस मामले में थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया कि यह गिरोह सुनियोजित रूप से लोगों को शिकार बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे।
आरोपियों के फोन की भी जांच की जा रही है। साथ ही इनके गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं जिनकी पहचान की जा रही है। तीनों आरोपितों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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