भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कानून व्यवस्था के मामलों में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कोहेफिजा थाने के कार्यवाहक थाना प्रभारी (TI) कृष्ण गोपाल शुक्ला पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। यह कार्रवाई जिलाबदर किए गए एक बदमाश पर कथित मेहरबानी और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि जिलाबदर आदेश के बावजूद आरोपी की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी गई। समय पर कानूनी कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए। मामले की समीक्षा के बाद पुलिस आयुक्त ने इसे अनुशासनहीनता और गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित अधिकारी पर आर्थिक दंड लगाया।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस मुख्यालय ने भी स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाबदर जैसे मामलों में थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी चूक मिलने पर और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि आदेशों के प्रभावी पालन और अधिकारियों की जवाबदेही से संभव है। यही कारण है कि भोपाल पुलिस अब लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कदम उठा रही है।
संदेश साफ है—अपराधियों पर मेहरबानी अब पुलिस अधिकारियों को भी महंगी पड़ सकती है।

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