अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) का ईरान (Iran) के खिलाफ चल रहा युद्ध गंभीर होता जा रहा है। अमेरिकी और इज़रायली हमलों की वजह से ईरान में तबाही मच चुकी है। ईरान में अब तक करीब 1,145 लोग युद्ध में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) समेत कई ईरानी मंत्री, सैन्य कमांडर, सरकारी अधिकारी और सामान्य जनता शामिल है। ईरान की जवाबी कार्रवाई में इज़रायल में करीब एक दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और साथ ही 6 अमेरिकी सैनिक भी ईरानी हमलों में मारे गए हैं। यह युद्ध करीब एक महीने तक चल सकता है, जिसकी आशंका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जताई है। युद्ध के बीच अब भारत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर निशाना साधा है।
राहुल ने साधा पीएम मोदी पर निशाना
राहुल ने आज सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "दुनिया एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है। तूफान का खतरा (संकट का दौर) मंडरा रहा है। भारत की तेल सप्लाई खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40% से ज़्यादा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी बदतर है। ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध हमारे पड़ोस तक पहुंच गया है। हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को मार गिराया गया है। फिर भी प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ऐसे समय में हमें एक स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। इसके विपरीत भारत के पास एक ऐसे प्रधानमंत्री है जो समझौतावादी है और। उन्होंने हमारी रणनीतिक स्वायत्तता को सरेंडर कर दिया है।"
राहुल ने क्यों बताया भारत की तेल सप्लाई है खतरे में?
दरअसल ईरान-अमेरिका-इज़रायल युद्ध के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait Of Hormuz) को बंद कर दिया है। ईरानी सेना के कमांडर ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अगर कोई भी जहाज गुज़रने की कोशिश करेगा तो उसे आग लगा दी जाएगी। इससे वैश्विक तेल सप्लाई पर प्रभाव पड़ा है। भारत का 40% तेल इसी रास्ते से आता है और ऐसे में अगर युद्ध लंबा चला, तो भारत में तेल का संकट पैदा होने की आशंका है। दो दिन पहले ही सरकार के सूत्रों के हवाले से यह खबर आई थी कि भारत के पास 25 दिनों के कच्चे तेल और परिष्कृत तेल का भंडार है और इसके बाद तेल की सप्लाई पर संकट आ सकता है, जिससे देश में तेल की कीमत बढ़ने की आशंका है।

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