भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी रद्द होने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार तरुण चुग, रणजीत अग्रवाल और महेंद्र केवट निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर ने तीनों को निर्वाचन प्रमाण पत्र भी सौंप दिया।
उधर, अपना नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख तय करते हुए कहा कि मामले पर शुक्रवार को विस्तार से विचार किया जाएगा।
कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका तर्क था कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद राज्य की तीनों राज्यसभा सीटों पर मुकाबला समाप्त हो गया और भाजपा के सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि पूरी कार्रवाई चुनावी नियमों के तहत हुई है।
अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि अदालत की टिप्पणी भविष्य में इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।

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