अफगानिस्तान में पाकिस्तान की हालिया सैन्य कार्रवाई को लेकर क्षेत्रीय कूटनीति तेज हो गई है। 27 जून को पाकिस्तान की ओर से अफगान क्षेत्र में की गई एयरस्ट्राइक में करीब 28 लोगों की मौत के बाद विवाद और गहरा गया। इस बीच अमेरिका ने पाकिस्तान के उस अधिकार का समर्थन किया है, जिसके तहत वह अपने ऊपर होने वाले आतंकी हमलों से आत्मरक्षा की बात करता है।
अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है। इस बयान को पाकिस्तान के पक्ष में अमेरिकी समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
भारत ने लगातार यह रुख रखा है कि अफगानिस्तान की जनता के साथ मानवीय सहयोग और विकास साझेदारी जारी रहनी चाहिए। भारत का जोर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ समन्वित कार्रवाई पर रहा है। मौजूदा घटनाक्रम के बीच नई दिल्ली स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव दक्षिण एशिया की सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन के लिए नई चुनौती बन सकता है। ऐसे समय में अमेरिका के बयान ने कूटनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर क्षेत्रीय शक्तियों की रणनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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