Top News

पानी के संकट में ₹20 लाख करोड़ का मौका

 


देश में बढ़ते जल संकट ने इंफ्रास्ट्रक्चर और जल प्रबंधन क्षेत्र की कंपनियों के लिए करीब 20 लाख करोड़ रुपये के बड़े कारोबारी अवसर का रास्ता खोल दिया है। केंद्र सरकार पेयजल, सीवेज, नदी संरक्षण और शहरी जल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं पर रिकॉर्ड निवेश कर रही है, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को आने वाले वर्षों में बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।


सरकार की जल जीवन मिशन योजना के लिए हर वर्ष लगभग 67 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है, जबकि वित्त वर्ष 2026 में जल शक्ति मंत्रालय को करीब 99,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा AMRUT 2.0 के तहत शहरी जल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क पर लगभग 2.99 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं नमामि गंगे फेज-II के लिए सीवेज ट्रीटमेंट और नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं पर 22,500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाइपलाइन, जल शोधन संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट, स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट, पंपिंग सिस्टम और नदी पुनर्जीवन से जुड़ी कंपनियों के लिए यह दशक सबसे बड़ा विकास काल साबित हो सकता है। बढ़ते शहरीकरण, भूजल संकट और जलवायु परिवर्तन ने जल क्षेत्र में निवेश की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सरकारी निवेश और निजी भागीदारी (PPP) के बढ़ने से जल अवसंरचना क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का अगला बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकता है। इससे न केवल इंफ्रा कंपनियों को नए कारोबार मिलेंगे, बल्कि देश में सुरक्षित पेयजल, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और जल संरक्षण को भी नई गति मिलेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post