नई दिल्ली। भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए के लिए बनाए जा रहे छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) में से चौथे पोत का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह परियोजना तटीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी और खोज एवं बचाव अभियानों में कोस्ट गार्ड की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नए NGOPV अत्याधुनिक तकनीक, आधुनिक नेविगेशन प्रणाली और उन्नत निगरानी उपकरणों से लैस होंगे। इन पोतों की मदद से भारतीय समुद्री सीमाओं की बेहतर निगरानी, तस्करी, अवैध घुसपैठ, समुद्री डकैती और अन्य समुद्री अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार, नए बेड़े के शामिल होने से इंडियन कोस्ट गार्ड की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की रक्षा को और मजबूती मिलेगी। यह पहल सरकार की समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने और तटीय निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने की व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

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