दुशांबे। भारत और ताजिकिस्तान ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group on Counter Terrorism) की पांचवीं बैठक ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकी संगठनों की गतिविधियों, आतंकवाद के वित्तपोषण तथा कट्टरपंथ के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की। भारत और ताजिकिस्तान ने खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों, ऑनलाइन कट्टरपंथ और डिजिटल माध्यमों से फैलाए जा रहे आतंकवादी प्रचार पर भी चर्चा की। इसके अलावा मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त प्रयास तेज करने पर सहमति बनी।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आतंकवाद के सभी स्वरूपों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। भारत और ताजिकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भविष्य में भी घनिष्ठ सहयोग जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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