पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा पर भारत की दो टूक, निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
कनाडा में आयोजित के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों पर मंडरा रहे खतरों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। अपने संबोधन में उन्होंने हालिया सैन्य घटनाक्रम के दौरान भारतीय नाविकों की हुई मौत का मुद्दा भी मजबूती से उठाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघर्ष और सैन्य कार्रवाई का सबसे बड़ा असर अक्सर निर्दोष नागरिकों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों पर पड़ता है। उन्होंने भारतीय नाविकों की दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
विशेष बात यह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी यह मुद्दा उठा रहे थे, तब उनके बगल में अमेरिकी राष्ट्रपति भी मौजूद थे। ऐसे में उनके बयान को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर से लेकर पश्चिम एशिया तक समुद्री मार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा हैं। इन मार्गों पर असुरक्षा बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होती है। भारत ने लंबे समय से सुरक्षित और मुक्त समुद्री आवागमन का समर्थन किया है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए। किसी भी क्षेत्रीय तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, इसलिए वैश्विक शक्तियों को संयम और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीयों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
G7 में भारत की बढ़ती भूमिका
हालांकि भारत G7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक मुद्दों पर बढ़ते प्रभाव के कारण उसे लगातार विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता रहा है। इस बार भी भारत ने ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक दक्षिण के हितों, आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय शांति जैसे विषयों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाना भारत की मानवीय और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर संवाद, शांति और समुद्री सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए वैश्विक समुदाय का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया।

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