अग्रिम जमानत मिलते ही अकाली नेता के तेवर तीखे, बोले- राजनीतिक बदले की कार्रवाई ज्यादा दिन नहीं चलेगी
पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता को अग्रिम जमानत मिलने के बाद उन्होंने पंजाब की सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान मजीठिया ने कहा, "रंगा-बिल्ला को बता दो, टाइगर अभी जिंदा है", जो अब पंजाब की राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
मजीठिया ने दावा किया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित थी और अदालत के फैसले ने सच्चाई को सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि सत्य और न्याय की जीत है।
‘सत्य की शक्ति की जीत हुई’
अग्रिम जमानत मिलने के बाद मजीठिया ने कहा कि वह शुरू से ही न्यायपालिका पर भरोसा रखते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया, लेकिन अदालत के फैसले ने उनके आरोपों की पोल खोल दी।
अकाली नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिशें लंबे समय तक सफल नहीं हो सकतीं। उन्होंने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने उनका साथ नहीं छोड़ा।
पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मजीठिया ने पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब को नशे, भ्रष्टाचार और राजनीतिक दमन से मुक्त कराने के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। मजीठिया ने दावा किया कि विपक्ष जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
मजीठिया के बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों और विपक्षी रणनीति के बीच इस तरह के बयान राज्य की राजनीति को और गर्मा सकते हैं।
हालांकि, पंजाब सरकार की ओर से अभी तक मजीठिया के ताजा आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अग्रिम जमानत मिलने के बाद बिक्रम मजीठिया ने जिस आक्रामक अंदाज में पंजाब सरकार पर हमला बोला है, उससे राज्य की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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