उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसदों के टूटने की अटकलों के बीच बढ़ा सियासी घमासान
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दल-बदल और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर कुछ सांसदों को पार्टी छोड़कर दूसरे गुट में शामिल होने के लिए बड़े आर्थिक प्रलोभन दिए जा रहे हैं।
राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के संपर्क में हैं।
‘15 करोड़ रुपये एडवांस’ का दावा
संजय राउत ने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को पार्टी बदलने के लिए कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये तक का एडवांस ऑफर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को धनबल के जरिए प्रभावित करने की कोशिश बेहद चिंताजनक है।
हालांकि राउत ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया है। दूसरी ओर, शिंदे गुट की ओर से ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया जा रहा है।
दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों की दिल्ली में मौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि वास्तव में सांसदों का कोई समूह पाला बदलता है तो इसका असर राज्य की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति पर भी पड़ सकता है।
उद्धव ठाकरे गुट के लिए चुनौती
पिछले कुछ वर्षों में शिवसेना पहले ही बड़े विभाजन का सामना कर चुकी है। ऐसे में यदि सांसदों का एक और समूह अलग होता है तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। हालांकि पार्टी नेतृत्व का दावा है कि उसके अधिकांश सांसद और कार्यकर्ता संगठन के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
महाराष्ट्र की राजनीति में दल-बदल, राजनीतिक दबाव और खरीद-फरोख्त के आरोप नए नहीं हैं। लेकिन हर बार ऐसे आरोप राजनीतिक माहौल को गर्म कर देते हैं। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाएं केवल अटकल साबित होती हैं या फिर कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है।
संजय राउत के 15 करोड़ रुपये के कथित ऑफर वाले दावे ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली में जारी बैठकों और बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों ने राज्य के सियासी तापमान को जरूर बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

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