Top News

कम उम्र में महिलाओं की घट रही फर्टिलिटी! तेजी से बढ़ रही लो ओवेरियन रिजर्व की समस्या, एक्सपर्ट ने बताई वजहFertility in young women is declining! The problem of low ovarian reserve is rapidly increasing, experts explain the reasons.

 

बदलती जीवनशैली, तनाव और स्वास्थ्य संबंधी कारण बन रहे चुनौती, समय पर जांच की दे रहे सलाह

नई दिल्ली। आजकल कई महिलाओं में कम उम्र में ही लो ओवेरियन रिजर्व (Low Ovarian Reserve) की समस्या देखने को मिल रही है। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें अंडाशय (ओवरी) में अंडों (एग्स) की संख्या और गुणवत्ता सामान्य से कम हो जाती है, जिससे गर्भधारण की संभावना प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यह समस्या अधिक उम्र की महिलाओं में देखी जाती थी, लेकिन अब 30 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।


स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, लो ओवेरियन रिजर्व के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें बढ़ता तनाव, अनियमित जीवनशैली, धूम्रपान, प्रदूषण, हार्मोनल असंतुलन, ऑटोइम्यून बीमारियां, आनुवंशिक कारण और कुछ चिकित्सीय उपचार शामिल हैं। कई बार यह समस्या बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी विकसित हो सकती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि मासिक धर्म में अनियमितता, गर्भधारण में कठिनाई या बार-बार गर्भपात जैसी स्थितियां इसके संकेत हो सकते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते जांच कराना बेहद जरूरी है। एएमएच (AMH) टेस्ट और अन्य फर्टिलिटी जांचों के जरिए ओवेरियन रिजर्व का आकलन किया जा सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और समय पर चिकित्सा सलाह से महिलाओं को अपनी प्रजनन क्षमता बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। जागरूकता और समय पर जांच इस समस्या से निपटने की सबसे बड़ी कुंजी मानी जा रही है।

Post a Comment

Previous Post Next Post