मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों और बाद में कई आदेशों के निरस्तीकरण को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की है।
पटवारी ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों तथा उनके निरस्तीकरण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में तबादला आदेश जारी होने और बाद में उन्हें रद्द किए जाने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार के लेन-देन या प्रभाव का इस्तेमाल हुआ है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
अपने पत्र में पटवारी ने सरकार से पारदर्शिता बरतने और जनता के सामने तथ्यों को रखने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तबादला प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं सरकार की ओर से अभी इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में तबादलों का यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।

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