दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश (CJI), सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों और केंद्रीय मंत्रियों से जुड़ी सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी पोस्टों को लेकर केंद्र सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि इन भ्रामक पोस्टों को तत्काल हटाया जाए, क्योंकि ये न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली और जनता को गुमराह करने वाली हैं।
मामला उन सोशल मीडिया पोस्टों से जुड़ा है, जिनमें दावा किया गया था कि CJI, सुप्रीम कोर्ट के कुछ न्यायाधीश और केंद्रीय मंत्री सरकारी खर्च पर ब्रिटेन के लंदन में आयोजित बैडमिंटन टूर्नामेंट में शामिल हुए थे। अदालत के समक्ष स्पष्ट किया गया कि ये दावे पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक जानकारी न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। अदालत ने केंद्र सरकार को ऐसे कंटेंट के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित पोस्टों को हटाने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकना आवश्यक है, ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और संस्थाओं की विश्वसनीयता बनी रहे। मामले में आगे की सुनवाई नियत तिथि पर की जाएगी।

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