नई दिल्ली। दांतों या मसूड़ों से खून आना एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह केवल खराब ओरल हेल्थ का संकेत नहीं, बल्कि शरीर में छिपी कई स्वास्थ्य समस्याओं की ओर भी इशारा कर सकता है। यदि ब्रश करते समय, फ्लॉसिंग के दौरान या बिना किसी कारण मसूड़ों से खून आता है, तो इसकी जांच कराना जरूरी है।
1. मसूड़ों की बीमारी (जिंजिवाइटिस)
दांतों से खून आने का सबसे सामान्य कारण मसूड़ों में सूजन या जिंजिवाइटिस है। दांतों पर जमा प्लाक और बैक्टीरिया मसूड़ों को कमजोर बना देते हैं, जिससे ब्रश करते समय खून आने लगता है। समय पर इलाज न होने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
2. विटामिन-C और विटामिन-K की कमी
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में विटामिन-C की कमी से मसूड़े कमजोर हो जाते हैं और उनसे खून आने लगता है। वहीं विटामिन-K की कमी रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है, जिससे मामूली चोट पर भी रक्तस्राव हो सकता है।
3. गलत तरीके से ब्रश करना
बहुत अधिक दबाव डालकर ब्रश करना या सख्त ब्रिसल वाले ब्रश का उपयोग करना भी मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे मसूड़ों में चोट लगती है और खून आने की समस्या शुरू हो सकती है।
4. डायबिटीज और अन्य बीमारियां
मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित लोगों में मसूड़ों के संक्रमण का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा कुछ रक्त संबंधी बीमारियां और प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याएं भी मसूड़ों से खून आने का कारण बन सकती हैं।
5. धूम्रपान और खराब ओरल हाइजीन
धूम्रपान मसूड़ों को कमजोर करता है और संक्रमण का खतरा बढ़ाता है। साथ ही दांतों की नियमित सफाई न करना, फ्लॉसिंग से बचना और मुंह की स्वच्छता की अनदेखी भी इस समस्या को जन्म दे सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि मसूड़ों से बार-बार खून आता है, सूजन बनी रहती है या दर्द महसूस होता है तो तुरंत दंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

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