नई दिल्ली। तंबाकू की लत से परेशान लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। (एम्स) नई दिल्ली की एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि योग तंबाकू की लत छोड़ने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। अध्ययन के अनुसार, नियमित योगाभ्यास से निकोटीन की तलब (क्रेविंग) कम होती है, तनाव घटता है और मानसिक संतुलन बेहतर होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू की लत केवल निकोटीन की वजह से नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे तनाव, चिंता, अवसाद, भावनात्मक अस्थिरता और सामाजिक दबाव जैसे कई कारण भी होते हैं। ऐसे में केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाना भी जरूरी है।
रिसर्च में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से योग, प्राणायाम और ध्यान करते हैं, उनमें तंबाकू सेवन की इच्छा अपेक्षाकृत कम होती है। योग शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन को नियंत्रित करता है और व्यक्ति को मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनाता है। इससे बार-बार तंबाकू सेवन करने की इच्छा पर नियंत्रण पाना आसान हो जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अधिकांश लोग तनाव, गुस्सा, अकेलेपन या भावनात्मक दबाव के समय तंबाकू का सहारा लेते हैं। योग इस मानसिक चक्र को तोड़ने का काम करता है। प्राणायाम और ध्यान जैसे अभ्यास मन को शांत करते हैं, जिससे व्यक्ति की आत्मनियंत्रण क्षमता बढ़ती है और नशे की लत से बाहर निकलने में मदद मिलती है।
अध्ययन में यह भी सुझाव दिया गया है कि देशभर में चल रहे तंबाकू मुक्ति अभियानों और डी-एडिक्शन कार्यक्रमों में योग को शामिल किया जाना चाहिए। इससे युवाओं और लंबे समय से तंबाकू सेवन करने वाले लोगों को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि योग तंबाकू छोड़ने का अकेला इलाज नहीं है, लेकिन यह एक प्रभावी सहायक उपाय जरूर है। उचित परामर्श, चिकित्सकीय सहायता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ योग को अपनाकर तंबाकू की लत पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

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