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होर्मुज में नाकेबंदी के ऐलान से तेल बाजार में उथल-पुथल, भारत पर महंगाई का खतराOil Markets in Turmoil Following Blockade Announcement in Hormuz; India Faces Threat of Inflation

 

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में उस समय हलचल मच गई जब डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में संभावित नाकेबंदी का संकेत सामने आया। इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत करीब 8 फीसदी बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।


क्या है होर्मुज स्ट्रेट का महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।

बाजार में क्यों आया उछाल

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते सप्लाई बाधित होने की आशंका ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। इसी डर के कारण तेल की कीमतों में अचानक तेजी देखी गई।

भारत पर क्या होगा असर

भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित तेल पर निर्भर हैं, इस स्थिति से सीधे प्रभावित होंगे।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी संभव

ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं

महंगाई दर पर दबाव बढ़ेगा

सरकार के सामने चुनौती

तेल कीमतों में उछाल भारत सरकार के लिए आर्थिक चुनौती बन सकता है। कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए टैक्स में कटौती या वैकल्पिक सप्लाई के विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हालात और बिगड़ते हैं और होर्मुज में वास्तविक बाधा आती है, तो तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

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