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सरकार के खाते से निकलकर जमीन पर नहीं आया इन केंद्रीय योजनाओं का पैसा, बजट 2026-27 में फिर हुआ आवंटन .The money allocated for these central government schemes did not reach the ground level after being released from the government's accounts, and the funds were allocated again in the 2026-27 budget.

 

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में कई केंद्रीय योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इनमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी तमाम योजनाएं शामिल थीं।

सरकार इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए आवंटित बजट को खर्च करने में विफल साबित हुई है। कई योजनाओं में तो केवल 10 फीसदी बजट ही खर्च हुआ।


राष्ट्रीय आयुष योजना

आम आदमी को सस्ती व सुलभ आयुष (आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 1,275 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। संशोधित अनुमान में इस योजना में 781 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है। अगले वित्त वर्ष के लिए इस योजना में 1,300 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।

शहरी चुनौती निधि

'शहरों को विकास केंद्र' बनाने की योजना में वित्त वर्ष 2025-26 में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रविधान रखा गया था। लेकिन इस योजना में केवल एक हजार करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए।

इस योजना के तहत 9,000 करोड़ रुपये खर्च करने में सरकार विफल रही। अगले वित्त वर्ष के लिए भी 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रविधान है। इस योजना के तहत कुल एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।

पीएम स्कूल फार राइजिंग इंडिया (पीएम श्री)

सरकारी स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार मॉडल स्कूलों में बदलने के लिए शुरू की गई योजना में चालु वित्त वर्ष के लिए 7,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

इस योजना में 4,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष के लिए भी इस योजना में 7,500 करोड़ का आवंटन किया गया है।

जल जीवन मिशन (JJM)

हर ग्रामीण को घर में नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई इस योजना का बुरा हाल है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 67 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन 17 केवल हजार करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं।

इस योजना में सरकार 50 हजार करोड़ रुपये खर्च ही नहीं कर पाई। अगले वित्त वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 67,670 करोड़ खर्च करने का प्रावधान रखा गया है।

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत PM-JAY योजना के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 4,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इस योजना के तहत केवल 2,443 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई थी। 2026-27 के लिए 4,200 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान रखा गया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

गांवों को सड़कों से जोड़ने वाली इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में 19 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, लेकिन 11 हजार करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं। इस योजना के तहत अगले वित्त वर्ष के लिए 19 हजार करोड़ रुपये देने का प्रावधान रखा गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी

शहरों में गरीब परिवारों के लिए आवास बनाने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना में चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 19,794 करोड़ रुपये के आवंटन के सापेक्ष 7,500 करोड़ रुपये के खर्च होने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी के लिए अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18,625 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में यह योजना 25 जून, 2015 को शुरू की थी।

प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण

बेघर ग्रामीणों को पक्का मकान उपलब्ध कराने वाली इस योजना में 2025-26 के दौरान 57,832 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन सरकार ने संशोधित अनुमान में 32,500 करोड़ रुपये ही खर्च होने की बात कही है।

अगले वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 54,917 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल, 2016 में हुई थी। इससे ग्रामीण क्षेत्र की सूरत बदली है।

पीएम इंटर्नशिप योजना

युवाओ को शीर्ष कंपनियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करने वाली यह महत्त्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्यों को पूरा करती नहीं दिख रही है।

वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना में खर्च के लिए 10,831 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा गया, लेकिन अब केवल 526 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष के लिए इस योजना में 4,788 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

इंडिया AI मिशन

बजट में एआइ को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू करने की घोषणा की गई है। लेकिन एआइ को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए मिशन में खर्च लक्ष्य से काफी पीछे है।

2025-26 में इंडिया एआइ मिशन पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान था, लेकिन 800 करोड़ रुपये ही खर्च होने का अनुमान है। 2026-27 के लिए इस मिशन के लिए बजट घटाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है।

पीएम आवास योजना-शहरी 2.0

शहरी परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 में चालू वित्त वर्ष के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया।

इस योजना में केवल 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो कुल आवंटन का 10 प्रतिशत से भी कम है। अगले वित्त वर्ष में इस योजना में खर्च के लिए तीन हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

अनुसंधान और नवाचार योजना

केंद्र सरकार कई वर्षों से देश में अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। किन चालू वित्त वर 2025-26 के लिए अनुसंधान, विकास और नवाचार योजन में आवंटित 20 हजार करोड़ रुपये में से केवल तीन हजार करोड़ रुपये ही खर्च होने का अनुमान है।

अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भी योजना में 20 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

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