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नशे और ट्रैफिक पर होगा डबल अटैक; इंदौर के हर कॉलेज में बनेगी कमेटीDouble Attack on Drugs and Traffic; Committees to be Formed in Every College in Indore

 

इंदौर शहर को ट्रैफिक और नशा से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. नशा मुक्ति के लिए इंदौर के हर कॉलेज में प्रशासन अब ‘नशा मुक्ति समितियां’ बनाएगा. इन कमेटियों में छात्र और शिक्षक दोनों ही शामिल होंगे. दूसरी तरफ जाम ना लगे. इसके लिए प्रशासन अतिक्रमण हटाएगा. प्रशासन की तरफ से साफ संकेत है कि अब सुरक्षित सड़कें होंगी. इसके अलावा नशा मुक्त युवा होंगे.


 इंदौर की गिनती देश के स्वच्छ शहरों में होती है. लेकिन यहां पर ट्रैफिक जाम की स्थिति से शहरवासी परेशान रहते हैं. अब इंदौर में प्रशासन दो बड़े मोर्चों पर काम करने के लिए तैयार नजर आ रहा है. सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति. कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठकों में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनका असर सीधे शहर की व्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा. ये पहल के प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिले दिशा निर्देशों के बाद और तेज हुई है, जिनमें सड़क सुरक्षा और नशा मुक्त समाज को प्राथमिकता दी गई है.

अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रहा अभियानसड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब ट्रैफिक सुधार सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा. शहर के प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न फ्री किए जा रहे हैं. ब्लैक स्पॉट्स को तेजी से सुधारा जा रहा है और अवैध पार्किंग पर लगातार कार्रवाई जारी है. जिन आठ प्रमुख मार्गों पर रोजाना जाम की स्थिति बनती थी. वहां अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक फ्लो सुधारने का अभियान चल रहा है.

राजवाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों की एंट्री पर रोक के बाद ट्रैफिक में राहत मिली है. वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था पर भी काम जारी है. इसके अलावा बायपास और संवेदनशील इलाकों में स्थानीय लोगों को CPR ट्रेनिंग देने की पहल शुरू की जा रही है, ताकि हादसों में तुरंत मदद मिल सके.

सभी कॉलेजों में बनाई जाएंगी ये कमेटीवहीं नशा मुक्ति को लेकर भी प्रशासन ने सख्त और व्यवस्थित रणनीति अपनाई है. अब जिले के सभी कॉलेजों में ‘नशा मुक्ति समितियां’ बनाई जाएंगी, जिनमें छात्र और शिक्षक दोनों शामिल होंगे. ये समितियां कैंपस में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी. ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए रासायनिक कंपाउंड्स की निगरानी और कानूनी दायरे को भी मजबूत किया जा रहा है.

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