प्रणव बजाज
इन्दौर
मध्यप्रदेश में कंट्री लिकर सप्लाई के लिए होने जा रहे अरबों रुपये के टेंडर से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Som Distilleries ने आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में कंटेम्प्ट पिटिशन दायर कर दी है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
क्या है पूरा मामला
प्रदेश के 52 जिलों में कंट्री लिकर सप्लाई के लिए बड़े टेंडर जारी होने हैं। इन टेंडरों में सोम डिस्टिलरीज और GGL Group के आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसके बाद सोम की ओर से अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
* किन अधिकारियों पर पिटिशन
सोम डिस्टिलरीज ने हाईकोर्ट में जिन अधिकारियों के खिलाफ कंटेम्प्ट पिटिशन दायर की है, उनमें शामिल हैं:
आबकारी कमिश्नर दीपक कुमार सक्सेना
राजेश हेनरी (AEC)
अजय शर्मा (DC)
देवेन्द्र पालिया
शरद रघुवंशी
गोविंद शर्मा
* हाईकोर्ट में क्या हुआ
यह याचिका 02 अप्रैल 2026 को Justice Vishal Mishra की अदालत में पेश हुई।
जस्टिस मिश्रा ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया
साथ ही इसे दूसरी बेंच में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए
जानकारी के अनुसार, यह याचिका Justice Ramkumar Choubey की कोर्ट में भी नहीं लगने के लिए निर्धारित की गई है
* पहले भी जजों ने बनाई दूरी
यह पहला मौका नहीं है।
इससे पहले भी सोम की याचिकाओं पर सुनवाई से दो न्यायाधीश खुद को अलग कर चुके हैं
इससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है
कंपनी पर पुराने आरोप
सोम डिस्टिलरीज और उससे जुड़े लोगों पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं:
डिस्टिलरी से शराब तस्करी
हजारों फर्जी परमिट बनाने के आरोप
इन मामलों में सजा भी हुई, हालांकि उम्र के आधार पर राहत मिली
* टेंडर पर कानूनी स्थिति
टेंडर में शामिल होने के लिए सोम की याचिकाएं हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहले खारिज कर चुके हैं
हालांकि, एक मामले में हाईकोर्ट ने आंशिक भागीदारी की अनुमति दी थी
प्रदेश के शराब टेंडर को लेकर यह मामला अब पूरी तरह कानूनी और प्रशासनिक टकराव में बदल गया है।
एक तरफ अरबों रुपये का टेंडर दांव पर है, तो दूसरी तरफ अदालत में चल रही कार्यवाही से पूरे सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।

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