Top News

गैस महंगी, जेब पर वार: होटल से चाय तक सब होगा महंगा”Gas Prices Soar, Hitting Pockets Hard: Everything—From Hotels to Tea—Set to Become More Expensive

 “

देशभर में 1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में इजाफा किया गया है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में इसकी कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही 5 किलो एफटीएल सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। इसमें 51 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 549 रुपये हो गई है।


किन चीजों पर पड़ेगा सीधा असर?

कमर्शियल LPG मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बेकरी, कैटरिंग और छोटे फूड बिजनेस में इस्तेमाल होता है। दाम बढ़ने से इन पर मुश्किलें बढ़ गई हैं।

होटल और रेस्टोरेंट

खाना पकाने की लागत बढ़ने से मेन्यू प्राइस में 20-30% तक इजाफा हो सकता है।

कई रेस्टोरेंट ऑपरेटिंग घंटे कम कर रहे हैं या कुछ आइटम्स मेन्यू से हटा रहे हैं।

बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में सिलेंडर की कमी से रेवेन्यू घाटा हो रहा है

स्ट्रीट फूड और छोटे ढाबों पर प्रभाव

छोटे व्यापारियों की मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा।

कई जगहों पर खाने की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं या बढ़ने वाली हैं।

बेकरी और स्वीट शॉप्स

ओवन और अन्य प्रोसेस में LPG इस्तेमाल होने से ब्रेड, केक, मिठाई आदि की कीमतें प्रभावित होंगी।

कैटरिंग और इवेंट फूड सर्विस

बड़े फंक्शन, पार्टी और इंडस्ट्रियल कैंटीन की लागत बढ़ेगी।

अन्य प्रभाव

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स (जैसे Zomato, Swiggy) पर ऑर्डर की कीमतें बढ़ सकती हैं।

खाना महंगा होने से घरेलू खर्च बढ़ सकता है।

कुछ छोटे उद्योग जहां LPG प्रोसेस में यूज होता है, उनकी प्रोडक्शन कॉस्ट भी बढ़ेगी।

क्यों बढ़े दाम?

तेल कंपनियां ग्लोबल LPG कीमतों से जुड़ी हैं। वेस्ट एशिया में संघर्ष के कारण क्रूड ऑयल और LPG की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे इंपोर्ट कॉस्ट बढ़ गई। कंपनियां पहले लॉस झेल रही थीं, अब इसे कंज्यूमर पर पास किया गया है। सरकार ने रिफाइनरीज को घरेलू LPG प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने को कहा है।

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लोग कह रहे हैं कि लागत बढ़ने से प्रॉफिट मार्जिन सिकुड़ रहा है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई क्राइसिस जारी रहा तो रोजाना सैकड़ों करोड़ का नुकसान हो सकता है। कई बिजनेस इलेक्ट्रिक या अन्य अल्टरनेटिव की ओर शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन यह महंगा और समय लेने वाला है।

Post a Comment

Previous Post Next Post