प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की राह में चुनौतियां कम नहीं हो रही हैं। सबसे बड़ी चिंता टीबी से होने वाली मौतें हैं। हर दिन 15 से 18 लोग इस बीमारी से जान गंवा रहे हैं। मौतों के मामले में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष तीन राज्यों में बना हुआ है। टीबी से हो रही मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र ही हमसे ऊपर हैं। उत्तर प्रदेश में रोजाना 50 मौतें और महाराष्ट्र में 20 मौतें दर्ज हुई हैं।
युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
चिंताजनक यह भी जो राज्य इस सूची में ऊपर हैं, उनकी जनसंख्या और जनसंख्या घनत्व मध्य प्रदेश से कहीं अधिक है। वहां टीबी मरीजों की संख्या भी बहुत अधिक है। 2024 में टीबी संक्रमित पांच हजार 152 की मौत हुई। जो मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, उनमें 60 प्रतिशत लोग 15 से 44 वर्ष आयु वर्ग के हैं।
पिछले कुछ सालों में टीबी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दिख रही है, उसका मुख्य कारण डायग्नोस्टिक (जांच सुविधाओं) का बढ़ना है। शुरुआत में यह एक मामूली बीमारी की तरह दिखती है, जिसे लोग नजर अंदाज कर देते हैं। - डॉ. लोकेंद्र दवे, अधीक्षक, स्टेट टीबी अस्पताल, भोपाल।

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