नई दिल्ली। उच्च शिक्षा की फीस जुटाना कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे छात्रों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत बिना जमानत और बिना गारंटर एजुकेशन लोन की सुविधा दी जाती है। लेकिन ब्याज में छूट का लाभ सभी छात्रों को समान रूप से नहीं मिलता। पात्रता परिवार की आय, संस्थान और कोर्स के आधार पर तय होती है।
₹4.5 लाख तक आय वालों को बड़ी राहत
जिन छात्रों की सालाना पारिवारिक आय ₹4.5 लाख तक है और वे पात्र संस्थान में तकनीकी या प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं, उन्हें PM-USP CSIS के तहत ₹10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि में 100% ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। यह लाभ पात्र संस्थानों और निर्धारित शर्तों के अधीन है।
₹8 लाख तक आय वालों के लिए 3% सब्सिडी
PM-Vidyalaxmi के तहत सालाना पारिवारिक आय ₹8 लाख तक वाले पात्र छात्रों को ₹10 लाख तक के लोन पर मोरेटोरियम अवधि में 3% ब्याज सब्सिडी दी जाती है। योजना में हर साल अधिकतम एक लाख नए छात्रों को यह लाभ दिया जाता है।
इसके लिए छात्र का मेरिट के आधार पर निर्धारित Quality Higher Education Institution (QHEI) में दाखिला होना जरूरी है। मैनेजमेंट कोटा और NRI कोटा से प्रवेश लेने वाले छात्र इस योजना के लाभ के पात्र नहीं हैं। साथ ही जो छात्र किसी अन्य सरकारी स्कॉलरशिप, ब्याज सब्सिडी या फीस रिइम्बर्समेंट का लाभ ले रहे हैं, उन्हें इस ब्याज सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता।
यानी लोन मिलने और ब्याज सब्सिडी मिलने की पात्रता अलग-अलग हो सकती है। आवेदन से पहले अपनी पारिवारिक आय, संस्थान, कोर्स और पहले से मिल रही सरकारी सहायता की पात्रता जांचना जरूरी है।

Post a Comment